वीरेंद्र सहवाग की जीवनी | Virendra sehwag biography

वीरेंद्र सहवाग की जीवनी | Virendra sehwag biography: वीरेंद्र सहवाग प्रसिद्ध पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं। विश्व के सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज़ों में से एक रहे हैं। सहवाग ने अक्टूबर 2015 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। सहवाग एकमात्र ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़ा है। सर डोनाल्ड ब्रेडमैन और ब्रायन लारा के बाद सहवाग दुनिया के तीसरे ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो बार तिहरा शतक बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है।
वीरेंद्र सहवाग की जीवनी | Virendra sehwag biography

वीरेंद्र सहवाग की जीवनी | Virendra sehwag biography

सहवाग अपने पूरे करियर में भारतीय टीम को बहुत तेज शुरुआत देते थे और गेंदबाजों पर शुरू से ही हावी हो जाते थे। सहवाग जब क्रीज पर रहते थे, तब तक विरोधियों के माथे पर उनकी क्रीज पर मौजूदगी का खौफ साफ-साफ देखा जा सकता था।

वीरेंद्र सहवाग का आरंभिक जीवन

सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को हरियाणा के एक जाट परिवार में हुआ। सहवाग अपने माता-पिता के चार बच्चों में तीसरे संतान हैं। सहवाग से बड़ी दो बहनें मंजू और अंजू हैं जबकि उनसे छोटे एक भाई हैं जिनका नाम विनोद है। सहवाग के पिता कृष्ण सहवाग बताते हैं कि उनमें क्रिकेट के लिए प्यार सात माह की उम्र से ही जाग गया था, जब उनके पिता ने पहली बार उन्हें खिलौना बैट दिया था।

इसके बाद बारह साल की उम्र में वह क्रिकेट के दौरान अपना दांत तुड़वाकर घर पहुंचे तो पिता ने क्रिकेट खेलने पर बैन लगा दिया था। यह बैन उनकी माँ के हस्तक्षेप के बाद ही टूट पाया था। उसके बाद तो क्रिकेट उनका हमेशा पहला प्यार बना रहा। 2004 में सहवाग ने शादी रचाई और उनकी पत्नी हैं आरती सहवाग। इन दोनों के दो पुत्र हैं।

वीरेंद्र सहवाग का खेल जीवन

वीरू, नज़फगढ़ के नवाब, मुल्तान के सुल्तान और जेन मास्टर ऑफ़ माडर्न क्रिकेट के उपनामों से मशहूर वीरेंद्र सहवाग ने पहला अंतरराष्ट्रीय मैच 1999 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेला था। इस मैच में सहवाग एक रन बनाकर चलते बने और गेंदबाजी के दौरान तीन ओवरों में 35 रन दे डाले। इसके बाद सहवाग को काफ़ी समय तक टीम में शामिल नहीं किया गया।

जिंबाब्वे के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज में दिसंबर 2000 में सहवाग को फिर से टीम में शामिल किया गया। अगस्त 2001 में श्रीलंका और न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ ट्राई सीरीज में सहवाग ने पारी की शुरुआत करते हुए करियर का पहला अर्धशतक जमाया। इसी सीरीज में न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ 69 गेंदों पर शतक ठोककर सहवाग ने अपने हुनर का नमूना पेश किया।

वीरेंद्र सहवाग रिकॉर्ड:

1. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज गति से बनाया तिहरा शतक (319) जिसके लिए उन्होंने मात्र 278 गेंद खेलीं।

2. टेस्ट क्रिकेट में 30 से ज़्यादा औसत के साथ सहवाग का स्ट्राइक रेट (82.23) दुनिया में सबसे ज़्यादा है।

3. सहवाग एकमात्र ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़ा है। डॉन ब्रैडमैन और ब्रायन लारा के बाद सहवाग दुनिया के तीसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो बार तिहरा शतक बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है।

4. इसके अलावा वह दुनिया के एकमात्र ऐसे क्रिकेट खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट मैचों में दो तिहरे शतक बनाने के साथ एक पारी में पांच विकेट भी हासिल किए हैं।

सहवाग के आदर्श

सहवाग क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को अपना मार्गदर्शक मानते हैं। अपनी बैटिंग शैली के लिए सहवाग की तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाती है। बड़े स्कोर बनाने के मामले में वह ऑस्ट्रेलिया के सर डॉन ब्रैडमैन और वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा के समकक्ष ठहरते हैं। उनके आदर्श सचिन तेंदुलकर इस मामले में उनसे कहीं पीछे हैं।

वीरेंद्र सहवाग रिकॉर्ड बड़े शतक बनाने में माहिर

सहवाग अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बड़े एवं धुंआधार शतक बनाने में माहिर माने जाते थे। सहवाग एकमात्र ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़ा है। डॉन ब्रैडमैन और ब्रायन लारा के बाद सहवाग दुनिया के तीसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो बार तिहरा शतक बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके अलावा वह दुनिया के एकमात्र ऐसे क्रिकेट खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट मैचों में दो तिहरे शतक बनाने के साथ एक पारी में पांच विकेट भी हासिल किए हैं।

सहवाग भारत के अकेले बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सर्वाधिक 319 रन का रिकार्ड बनाया है। जो उन्होंने 2008 में चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ बनाया था। यह भारतीय रिकार्ड है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में किसी बल्लेबाज द्वारा यह सबसे तेज गति से बनाया तिहरा शतक भी है।

इसके लिए उन्होंने मात्र 278 गेंद खेलीं। इससे पहले उन्होंने 2004 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मुल्तान में 309 रन की पारी खेली थी। मुंबई में श्रीलंका के ख़िलाफ़ तीन तिहरे शतक का विश्व रिकार्ड बनाने से मात्र सात रन से चूक गये। वह 290 और 299 के बीच आउट होने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज भी बने। सहवाग भारत की ओर से सर्वाधिक छ: दोहरे शतक बनाने वाले बल्लेबाज हैं।

सहवाग को बड़े-बड़े शतक बनाने की आदत रही है। टेस्ट मैचों में उन्होंने जो अंतिम 11 शतक बनाए हैं सभी में 150 से ऊपर स्कोर किया है। इनमें दो तिहरे और तीन दोहरे शतक शामिल हैं। अपने पहले ही टेस्ट में शतक जड़ने वाले सहवाग की तुलना उनके आदर्श सचिन तेंदुलकर से की जाने लगी थी। लेकिन समय के साथ सहवाग ने साबित किया कि उनका अपना एक अलग स्टाइल है।

वीरेंद्र सहवाग के उतार चढ़ाव

सहवाग का अच्छा समय रहा तो बुरा समय भी रहा। लंबे समय तक वे भारतीय टीम से अलग भी रहे। ख़ासकर 2007 के विश्व कप के बाद तो उनका वनवास कुछ लंबा ही रहा। लेकिन वापसी हुई तो ज़बरदस्त। सहवाग ने वनडे के साथ-साथ टेस्ट में भी सलामी बल्लेबाज़ी की है और ख़ूब चले भी हैं। बल्ले के साथ-साथ सहवाग उपयोगी गेंदबाज़ भी हैं और कई मौक़े पर उन्होंने भारत को अहम सफलताएँ दिलाई हैं।

वीरेन्द्र सहवाग पुरस्कार

सहवाग को 2008 में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए विजडन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड से सम्मानित किया गया। सहवाग ने इस पुरस्कार को 2009 में भी अपने नाम किया। इसके अलावा वीरू को 2002 में अर्जुन पुरस्कार का सम्मान मिल चुका है।
वीरेंद्र सहवाग की जीवनी | Virendra sehwag biography वीरेंद्र सहवाग की जीवनी | Virendra sehwag biography Reviewed by Admin on April 01, 2018 Rating: 5

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