मेघनाद साहा की जीवनी Meghnad Saha Biography in Hindi

मेघनाद साहा की जीवनी Meghnad Saha Biography in Hindi

मेघनाद साहा की जीवनी Meghnad Saha Biography in Hindi

मेघनाद साहा की जीवनी Meghnad Saha Biography in Hindi: मेघनाद साहा का जन्म ब्रिटिश कालीन भारत (अभी का बांग्लादेश) के ढाका से 45 किमी। दूर शिओरताली गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम जगन्नाथ साहा था, और मेघनाद साहा का परीवार गरीब होने के कारण उन्हें आगे बढने के लिए काफी संघर्ष करना पडा था। उनकी आरम्भिक शिक्षा ढाका कॉलेजिएट स्कूल में हुई और बाद में उन्होंने ढाका महाविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की।

मेघनाद साहा कोलकाता के प्रेसीडेंसी महाविद्यालय के भी विद्यार्थी थे। सन 1923 से सन 1938 तक वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्राध्यापक भी रहे। इसके उपरान्त वे जीवन पर्यन्त 1956 में अपनी मृत्यु तक कलकत्ता विश्वविद्यालय में विज्ञान फैकल्टी के प्राध्यापक एवं डीन रहे। सन् 1927 में वे रॉयल सोसाइटी के सदस्य बने। सन 1934 की भारतीय विज्ञान कांग्रेस के वे अध्यक्ष थे। मेघनाद साहा इस दृष्टि से बहुत भाग्यशाली थे कि उनको प्रतिभाशाली अध्यापक एवं सहपाठी मिले।

उनके विद्यार्थी जीवन के समय जगदीश चन्द्र बोस, सारदा प्रसन्ना दास एवं प्रफुल्ल चन्द्र रॉय अपनी प्रसिद्धि के चरम पर थे। सत्येन्द्र नाथ बोस, ज्ञान घोष एवं जे।एन। मुखर्जी उनके सहमित्र थे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रसिद्ध गणितज्ञ अमिय चन्द्र बनर्जी के साथ उनके काफी गहरे सम्बन्ध थे। धार्मिक तथ्यों के अनुसार मेघनाद साहा नास्तिक थे। 16 फरवरी 1956 को उनका देहांत हो गया।

एक नजर में मेघनाद साहा का इतिहास –:

मेघनाद साहा का जन्म जगन्नाथ साहा और उनकी पत्नी भुबनेश्वरी देवी की पाचवी संतान के रूप में हुआ। उनके पिता एक छोटी दुकान चलाते थे और उनका परीवार गरीब था। परीवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके माता-पिता अपने बच्चों को पढाना नही चाहते थे। मेघनाद ने कम उम्र में ही शिक्षा में अपनी रूचि दिखाई थी।

इसी वजह से आरंभिक शिक्षा पूरी होने के बाद उनके माता-पिता चाहते थे की मेघनाद वही अपनी पढाई छोड़कर अपने पिता की दुकान चलाने में सहायता करे। तभी मेघनाद साहा की भेट एक नेक आदमी अनंता कुमार से हुई जो एक स्थानिक डॉक्टर थे। उन्होंने आसान काम के बदले मेघनाद को पढाने की ठानी। और माध्यमिक शिक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद वे 1905 में ढाका गये, जहा कॉलेजिएट स्कूल में उन्होंने शिक्षा प्राप्त की।

1911 में उन्होंने इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की और कोलकाता के प्रेसीडेंसी महाविद्यालय में शामिल हो गये। वहा एक सहपाठी की तरह उनकी मुलाकात सत्येन्द्रनाथ बोस से हुई। बोस एक विशिष्ट भौतिकशास्त्री बनना चाहते थे। महाविद्यालय में उन्हें प्रफुल्ल चंद्र रॉय और जगदीश चंद्र बोस ने पढाया था। 1913 में उन्होंने गणित में BSc और 1915 में गणित में MSc की परीक्षा उत्तीर्ण की।

मेघनाद साहा के प्रमुख कार्य -:

मेघनाद साहा का सबसे बडा योगदान खगोलविज्ञान के क्षेत्र में रहा है। उनका साहा समीकरण विश्व प्रसिद्ध है। यह समीकरण तारो में भौतिक और रासायनिक स्थिति की व्याख्या करता है।
मेघनाद साहा का योगदान केवल खगोलशास्त्र तक ही सीमित न होकर उन्होंने बहोत से स्वतंत्रता अभियान में भी भाग लिया था। वे भारत को दुनिया की नजरो में सम्माननिय पहचान दिलवाना चाहते थे। उनके अतुल्य योगदान को लोग हमेशा याद रखेंगे।
मेघनाद साहा की जीवनी Meghnad Saha Biography in Hindi मेघनाद साहा की जीवनी Meghnad Saha Biography in Hindi Reviewed by Admin on April 11, 2018 Rating: 5

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