गीता के 10 अनमोल वचन स्टूडेंट के लिए (Geeta Ke Anmol Vachan)

गीता के 10 अनमोल वचन स्टूडेंट के लिए

गीता के 10 अनमोल वचन स्टूडेंट के लिए (Geeta Ke Anmol Vachan)

गीता के 10 अनमोल वचन स्टूडेंट के लिए: गीता एक पवित्र ग्रंथ है जिसमे अगर हम सही से पढ़े तो हमारे देनिक जीवन में जो घटना हो रही है या होने बाली है उन सभी का वर्णनन गीता में पहले से ही किया गया है| अगर हम गीता को अपने देनिक जीवन का हिस्सा बना ले तो हम्हे कभी भी दुःख का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि गीता में जो रास्ते बताये गए हैं उनका सही मतलब उस में साफ़ साफ़ लिखा है की किस काम को करके आप कहा तक जायेंगे इसलिए आज में स्टूडेंट की सफलता के लिए कुछ गीता के 10 अनमोल वचन लिख रहा हूँ में आशा करता हूँ की आपको पसंद आएंगे|

गीता के अनमोल वचन 1 (Geeta Ke Anmol Vachan 1)

geeta vachan क्रोध को काबू में रखे
क्रोध को काबू में रखे – क्रोध से बुद्धि का नाश होता हैं. जब बुद्धि का नाश होता हैं तब निर्णय गलत होता हैं. जब निर्णय गलत होता है तब मनुष्य का पतन हो जाता है.

गीता के अनमोल वचन 2 (Geeta Ke Anmol Vachan 2)

मन को नियंत्रित रखना geeta ke anmol vachan
मन को नियंत्रित रखना – जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है और जो अपने मन को नियंत्रित कर ले उसके लिए इस संसार में कुछ भी पाना असम्भव नही होता .

गीता के अनमोल वचन 3 (Geeta Ke Anmol Vachan 3)

विश्वास का निर्माण geeta ke anmol vachan
विश्वास का निर्माण – मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है. जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है. विश्वास ही मनुष्य के आत्मा को शक्ति प्रदान करता हैं.

गीता के अनमोल वचन 4 (Geeta Ke Anmol Vachan 4)

खुद का आकलन  geeta anmol vachan
खुद का आकलन – आत्म-ज्ञान की तलवार से काटकर अपने ह्रदय से अज्ञान के संदेह को अलग कर दो. अनुशासित रहो, लक्ष्य के प्रति सज्ज रहो, और निरंतर ज्ञानार्जन करते रहो.

गीता के अनमोल वचन 5 (Geeta Ke Anmol Vachan 5)

कर्म और फल geeta ke anmol vachan
कर्म और फल -मनुष्य इस जीवन में ना कुछ खोता है ना व्यर्थ होता है. फल ईश्वर के हाथ में होता हैं इसलिए फल के बारे में बिना सोचे मनुष्य को कर्म करना चाहिए.

गीता के अनमोल वचन 6 (Geeta Ke Anmol Vachan 6)

geeta ke anmol vachan अभ्यास जरूरी
अभ्यास जरूरी – मन अशांत है और उसे नियंत्रित करना कठिन है, लेकिन अभ्यास से इसे वश में किया जा सकता है.

गीता के अनमोल वचन 7 (Geeta Ke Anmol Vachan 7)

विश्वास के साथ विचार geeta anmol vachan
विश्वास के साथ विचार व्यक्ति जो चाहे बन सकता है, यदि वह विश्वास के साथ इच्छित वस्तु पर लगातार चिंतन करे.

गीता के अनमोल वचन 8 (Geeta Ke Anmol Vachan 8)

दूर करें तनाव geeta ke anmol vachan
दूर करें तनाव – अकर्म (बुरे कर्म) बहुत तनाव पैदा करता है इसलिए हमेशा अच्छा सोचे और अच्छा करे.

गीता के अनमोल वचन 9 (Geeta Ke Anmol Vachan 9)

कार्य को आनंद पूर्वक करे geeta anmol vachan
कार्य को आनंद पूर्वक करे -मनुष्य का मुख्य उद्देश्य आनन्द को प्राप्त करना होता हैं और जो मनुष्य अपने कार्य में आनंद खोज लेते हैं तब वह उसे पूर्णता प्राप्त करते हैं.

गीता के अनमोल वचन 10 (Geeta Ke Anmol Vachan 10)

धैर्य रखना geeta anmol vachan
धैर्य रखना – मनुष्य को एक निश्चित कर्म और समय के पश्चात ही फल मिलता हैं इसलिए मनुष्य में धैर्य का होना अति आवश्यक हैं.

आखरी विचार: तो दोस्तों में आशा करता हूँ की आपको आज का आर्टिकल गीता के 10 अनमोल वचन स्टूडेंट के लिए (Geeta Ke Anmol Vachan). पसंद आया होगा| अगर आप चाहे तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं|

गीता के 10 अनमोल वचन स्टूडेंट के लिए (Geeta Ke Anmol Vachan) गीता के 10 अनमोल वचन स्टूडेंट के लिए (Geeta Ke Anmol Vachan) Reviewed by Admin on March 23, 2018 Rating: 5

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