अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय व अनमोल वचन | Abraham Lincoln Biography and Quotes

Abraham Lincoln Biography: अब्राहम लिंकन अमेरिका के 16 वें राष्ट्रपति थे। इनका कार्यकाल सन 1861 से सन 1865 तक चला। इन्होंने अमेरिका में हो रही गुलामी की प्रथा से वहां के लोगों को मुक्त कराया। उनका मानना था कि जात –पात, गोरे–काले, सब एक समान है इनमें कोई भेद नहीं है। अब्राहम लिंकन का जन्म एक गरीब अश्वेत परिवार में हुआ। वे पहले गणतंत्रवादी थे, जो अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए। इसके पहले वे एक वकील, इलिअन्स स्टेट के विधायक, अमेरिका के हाउस ऑफ़ रिप्रेसेंटेटिव्स के सदस्य थे। अब्राहम लिंकन ने अमेरिका की सबसे बड़ी लड़ाई में अपने साहस और हिम्मत से सफलता हासिल की। अब्राहम लिंकन ईमानदार और खुले विचारों वाले इन्सान थे, उनसे किसी का दर्द देखा नही जाता था।
अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय व अनमोल वचन | Abraham Lincoln Biography and Quotes

अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय व अनमोल वचन | Abraham Lincoln Biography


अब्राहम लिंकन का जन्म:
अब्राहम लिंकन का जन्म केंटुकी (अमेरिका) के हार्डिन काउंटी में एक लोग केबिन में हुआ। उनके पिता थॉमस एक मजबूत और निर्धारित मार्ग प्रशस्त करने वाले इन्सान थे और समाज में सम्माननीय भी थे। Abraham Lincoln की एक बड़ी बहन सारह और एक छोटा भाई थॉमस था, जिनकी बचपन में ही मृत्यु हो गई। जमीन के विवाद के समय सन 1817 में लिंकन को केंटुकी से इंडिआना के पैरी काउंटी में आना पड़ा, जहाँ उनका परिवार बहुत ही मुश्किलों में रह रहा था, किन्तु थॉमस ने अंत में एक जमीन खरीदी।

जब अब्राहम 9 साल के थे, तब उनकी माता की 5 अक्टूबर सन 1818 में 34 साल की उम्र में मृत्यु हो गई। उस समय उनकी दुनिया उजड़ गई थी और अब्राहम अपने पिता से अलग होते जा रहे थे और उस समय उन्होंने कड़ी मेहनत की।

नेंसी की मृत्यु के एक साल बाद दिसम्बर 1819 में थॉमस ने सारह बुश जॉनसन से शादी कर ली, जोकि खुद विधवा थी और उनके 3 बच्चे भी थे। वे बहुत मजबूत और स्नेही महिला थी, उनकी अब्राहम के साथ अच्छी बोन्डिंग थी। वे दोनों ही ज्यादा पढ़े –लिखे नहीं थे, किन्तु सारह ने अब्राहम को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

थॉमस एक किसान थे, उनके पास ज्यादा पैसे नही थे इसलिए अब्राहम की पढ़ाई पूरी नही हो सकी। एक और कारण था कि इन्डियाना में पढ़ने के लिए किताबें आसानी से नही मिलती थी, जिसके कारण थॉमस को किताबें लेने बहुत दूर चल कर जाना पड़ता था। Abraham Lincoln ने अपनी पढ़ाई घर पर ही पूरी की।

अब्राहम लिंकन की वकालत व पढाई Abraham Lincoln's Advocacy and Studies:

मार्च 1830 में अब्राहम अपने परिवार के साथ मैकॉन काउंटी में रहने चले गए। अब्राहम की उम्र इस समय 22 वर्ष थी, वे यहाँ आकर मजदूरी का काम करने लगे। अब्राहम लिंकन का कद 6’4 फुट था और वे दुबले-पतले एवं लम्बे थे, किन्तु वे शरीर से बहुत मजबूत थे। वे इस समय छोटी–मोटी नौकरीयां किया करते थे, जैसे चौकीदार, दुकानदार आदि किन्तु अंत में इन्होने एक जनरल स्टोर खोल ली। ये सब कुछ सालों तक चलता रहा।

सन 1837 में अब्राहम लिंकन ने राजनीती की ओर कदम बढ़ाया। और वे व्हिग़ पार्टी के नेता बन गए। कई सारे चुनाव लड़े। किन्तु उनको आर्थिक विकास न होने और गरीबों को न्याय दिलाने के कारण उन्होंने फैसला किया कि वे वकील बनेंगे। और उन्होंने वकालत की पढ़ाई शुरू कर दी।

सन 1844 में अब्राहम लिंकन ने विलियम हेर्नदों के साथ वकालत का प्रशिक्षण किया और कुछ समय बाद वे वकील बन गए। वकालत से उन्होंने ज्यादा पैसे नही कमाए, किन्तु उनको उनकी वकालत से मानसिक शांति और संतोष मिलता था। जिसके सामने ये धन दौलत का कोई मोल नही था। वे अपने काम में बहुत ईमानदार थे, उसके किस्से आज भी प्रसिद्ध है।

Abraham Lincoln वकालत के समय उन लोगों से ज्यादा पैसे नही लिया करते थे, जो उनकी ही तरह गरीब थे। एक बार एक केस में उनके मुवकिल ने उनको 25 डॉलर दिए किन्तु उन्होंने 10 डॉलर यह कहकर वापस दे दिए कि उनके केस के सिर्फ 15 डॉलर ही होते है।

इसी प्रकार एक बार एक महिला का केस जितने के बाद, उनके साथ काम करने वाले वकील ने उनसे ज्यादा पैसे ले लिए किन्तु अब्राहम ने उससे पैसे वापस करने को कहा। वे बहुत ही ईमानदार और सच्चे आदमी थे। उनका कहना था कि “जब कोई अच्छा करता है तो अच्छा महसूस करता है और जब बुरा करता है तो बुरा महसूस करता है” और यही उनका धर्म था।

अब्राहम लिंकन की राजनीति Abraham Lincoln's Politics:

सन 1854 में लिंकन ने फिर से राजनीती में कदम रखा। राजनीती के चलते वे बहुत से चुनाव में खड़े हुए। तब वे व्हिग़ पार्टी से जुड़े हुए थे, किन्तु कुछ समय बाद वह पार्टी खत्म हो गई। 1856 में नए गणतंत्रवाद (Republican) के सदस्य बन गए। इस नई पार्टी के वे बहुत ही काबिल नेता साबित हुए। इस समय वे उप राष्ट्रपति के लिए चुनाव में खड़े हुए और उन्हें बहुत कम वोट मिले, जिससे वे इस चुनाव में हार गए, और उन्होंने राष्ट्र के जरुरी नक़्शे को समझा।

राष्ट्र का पूरा ध्यान केंसास में हो रही हिंसा और डरेड स्कॉट के केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसला की तरफ चला गया था, जोकि नये राज्य में गुलामी के मामले के वाद विवाद पर था। Abraham Lincoln को लोग बहुत पसंद करते थे, क्यूकि लिंकन ने देश में हो रही गुलामी की प्रथा को खत्म करने के लिए बहुत से काम किये।

उन्होंने एक भाषण में कहा कि -“राष्ट्र का बटवारा नही हो सकता, आधे गुलाम और आधे बिना गुलाम नही रह सकते, सभी एक जुट होकर ही रहेंगे”। अब्राहम लिंकन के इस भाषण और उनके कार्य को देखकर उनका नाम अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए चुना गया।

अब्राहम लिंकन अध्यक्षता Abraham Lincoln chaired:

सन 1860 में अब्राहम लिंकन अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति चुने गए। राष्ट्रपति चुने जाने के बाद भी अब्राहम लिंकन का यही प्रयास रहा कि राष्ट्र से गुलामी की प्रथा खत्म हो जाये। गुलामी की प्रथा दक्षिण और उत्तर राज्यों के बीच थी। दक्षिण राज्य के गोरे निवासी कृषि के लिए उत्तर राज्य के निवासीयों को बुलाते थे और उन्हें गुलाम बना कर रखना चाहते थे। किन्तु अब्राहम लिंकन इस गुलामी की प्रथा को खत्म करना चाहते थे।

1 फरवरी, 1861 में मिसिसिप्पी, फ्लोरिडा, अल्बामा, जेओर्गिया, लौइसिआन और टेक्सास अलग हो गए और एक गृहयुद्ध शुरू हो गया। जैसे -जैसे युद्ध बढ़ता गया, Abraham Lincoln ने खुद से वादा किया और देश के लिए उन्मूलनवादी आन्दोलन चलाया, और वे इसमें सफल रहे। 1863 में अंत में बंधक मुक्त की घोषणा की और राज्य में गुलामो की आजादी के डॉक्यूमेंट बन गए, किन्तु मिसौरी, केंसास, नेब्रास्का और अर्कांसस में गुलामों को क़ानूनी दाँव पेंच से आजादी नहीं मिली।

अब्राहम लिंकन ने अमेरिका के गृहयुद्ध जोकि उनके खून, नैतिकता, संविधान, और राजनीति की लड़ाई थी, में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी के चलते उन्हें बहुत सी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।

अब्राहम लिंकन गृहयुद्ध Abraham Lincoln civil war:

अमेरिका के उत्तरीय राज्य और दक्षिणीय राज्यों के बीच एक गृहयुद्ध हुआ, जोकि गुलामी की प्रथा को ख़त्म करने के लिए था। दक्षिणीय राज्यों के गोरे लोग खेती करने के लिए उत्तरीय राज्यों के काले लोगों को बुलाकर उन्हें हमेशा के लिए अपना बंधक बनाना चाहते थे।

दक्षिणीय राज्य अपना खुद का एक देश बनाना चाहता था और उत्तरीय राज्य गुलामी को खत्म करके एकजुट होकर रहना चाहता था। इसी बीच इन दोनों राज्यों के मध्य एक गृहयुद्ध छिड़ गया जोकि 1861 से लेकर 1865 तक चला और इस गृहयुद्ध में उत्तरीय राज्य की जीत हुई।

यह कहना बस काफी नही होगा की युद्ध सिर्फ गुलामी की प्रथा को खत्म करने के लिए था, अपितु इस युद्ध का कारण अलग-अलग विचारधारा होने के विरोध का परिणाम था। दक्षिण राज्य 17वीं और 18वीं शताब्दी में खेती करने के लिए अफ्रीका से आये गुलामों को हमेशा के लिए गुलाम बनाना चाहते थे, जबकि 1801 में उत्तर राज्य में इस प्रथा के खिलाफ कानून बना दिए थे। उत्तर के निवासी मशीन युग में आर्थिक रूप से बहुत प्रगति करने लगे थे और उनकी जनसंख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी। किन्तु दक्षिण के निवासी केवल खेती पर ही आधारित थे। उन्होंने युग के साथ प्रगति नही की और उनकी जनसंख्या में तेजी से बढ़ोतरी नही हुई।

युद्ध के मोर्चे तीन थे समुद्र, मिसिसिप्पी घाटी और पूर्व समुद्र तट के राज्य। दक्षिण तट पर यूरोप से आयात और निर्यात की चीजों में रोक लगा दी गई और वहां के सबसे बड़े नगर न्यू ओरलीएन्स से आत्मसमर्पण करा लिया। मिसिसिप्पी की घाटी में भी दक्षिण राज्य ने बहुत जीतें हासिल की। सन 1863 की शुरुआत उत्तर राज्यों के लिए बहुत कठिन साबित हुई किन्तु जैसे –जैसे युद्ध आगे बढ़ा युद्ध का तख्ता पलट गया। सन 1864 में युद्ध का अंत साफ़ दिखाई देने लगा। उत्तर के राज्यों की जीत हुई, और गृहयुद्ध समाप्त हो गया। युद्ध समाप्त होने के बाद दक्षिण राज्यों के लिए सख्ती नही अपनाइ गई और गुलामी की प्रथा ख़त्म करके गुलामों को आजाद करने का कानून बना दिया गया।

अब्राहम लिंकन मृत्यु Abraham Lincoln death:

14 अप्रैल 1865 में अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी के एक फोर्ड सिनेमाघर में, जाने – माने अभिनेता और सह अपराधी जॉन विल्केस बूथ ने अब्राहम लिंकन की हत्या कर दी। इस तरह एक ईमानदार और देश के सबसे लोकप्रिय राष्ट्रपति की मृत्यु हो गई।

ब्राहम लिंकन के अनमोल वचन Abraham Lincoln Quotes:

• ज्यादातर लोग खुश है क्युकि वे अपने दिमाग को बनाते हैं।
• भविष्य के बारे में सबसे अच्छी बात ये है कि यह एक समय में एक ही दिन आता है।
• चरित्र एक पेड़ और प्रतिष्ठा एक छाया की तरह है। छाया, जिसके बारे में हम सोचते है, किन्तु पेड़, असल है।
• मैं जो कुछ हूँ या जो आशा करता हूँ, यह मेरी स्वर्गदूत माँ को समर्पित है।
• मुझे एक पेड़ काटने के लिए 6 घंटे दो, उसमे से पहले चार घंटे में मैं कुल्हाड़ी की तेज धार करूँगा।
• आप आज को नष्ट करके कल की जिम्मेदारी से नही बच सकते।
• इंतजार करने वालों के लिए चीजें आ सकती है, लेकिन केवल उन चीजों को छोड़कर जो तीखी हैं।
• अंत, आपके जीवन में गिनती के वर्ष नहीं हैं यह आपके वर्षों में जीवन है।
• एक पीढ़ी में स्कूल के कमरे का दर्शन होता है और अगले में सरकार का दर्शन होगा।
• महोदय, मेरी दिलचस्पी यह नहीं है कि भगवान हमारी तरफ से है, मेरी दिलचस्पी इसमें है कि हम भगवान की तरफ से है क्योकि परमेश्वर हमेशा सही है।
• मैं सबसे अच्छी तरह से जानना हूँ कि मैं कैसे सबसे अच्छा कर सकता हूँ। मेरा मतलब है कि मैं अंत तक ऐसा करना जारी रख सकता हूँ।
• हमेशा ध्यान रखें कि सफल होने के लिए आपका खुद का संकल्प किसी और से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
• जब आपको मान्यता नहीं दी जाती है तो चिंता न करें, मान्यता के योग्य होने के लिए प्रयास करें।
• मेरी सबसे बड़ी चिंता ये नहीं कि आप असफल रहे है या नहीं, बल्कि यह कि आप अपनी असफलता से संतुष्ट है या नहीं।
• आप जो कोई भी हो, एक अच्छे इंसान बनों।
• क्या मैं अपने दुश्मनों को नष्ट नहीं कर रहा, जब मैं उन्हें दोस्त बनाऊ तो?
• मैं धीमी गति का चालक हूँ, लेकिन मैं कभी पीछे नहीं चलता।
• सुनिश्चित करें कि आप अपने पैरों को सही जगह पर रखें, फिर दृढ़तापूर्वक खड़े हो जायें।
• मुझे अपनी माँ की प्रार्थना याद आती है और वे हमेशा मेरे पीछे आती है। उन्होंने मेरी सारी जिन्दगी चुरा ली है।
• खुद के विरुद्ध विभाजित कोई घर खड़ा नहीं रह सकता है।
• मेरे पास कभी कोई नीति नहीं थी, मैंने सिर्फ हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश की है।
• तरीफ़, हर कोई पसंद करता है।
• महत्वपूर्ण सिद्धांत, अनवरत हो सकता है और होना चाहिए।
• यदि कोई ऐसा है जो अच्छा कर सकता है, तो मैं कहता हूँ उसे ऐसा करने दो। उसे एक मौका दो।
• मुझे नहीं पता कि मेरे दादा कौन थे, लेकिन मैं जानना चाहता हूँ कि उनका पोता क्या होगा।
• आपको खुद का बढ़ना देखना चाहिए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके दादा कितने लंबे थे।
• कल के लिए कुछ मत छोड़ो, जिसे आज किया जा सकता है।
• एक दोस्त वह है जो आपकी ही तरह शत्रु है।
• चालकों में अन्य लोगों का वर्णन करने की क्षमता है, क्योकि वे खुद को देखते है।
• उन्हें आलोचना करने का अधिकार है, जिसकी सहायता करने के लिए एक दिल है।
अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय व अनमोल वचन | Abraham Lincoln Biography and Quotes अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय व अनमोल वचन | Abraham Lincoln Biography and Quotes Reviewed by Admin on March 25, 2018 Rating: 5

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